भाजपा नेता समेत भूमाफियाओं पर 82 वर्षीय बुजुर्ग की लाखों की जमीन हड़पने का आरोप
अलीगढ़ में एक बार फिर भूमाफियाओं के कथित आतंक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। 82 वर्षीय बुजुर्ग पूरन चन्द्र गुप्ता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि भाजपा से जुड़े एक नेता सहित कई दबंगों ने उनकी वैध रूप से खरीदी गई संपत्ति पर जबरन कब्जा कर लिया, मकान को ध्वस्त करा दिया और विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, पूरन चन्द्र गुप्ता निवासी हनुमानपुरी, तहसील कोल ने वर्ष 2019 में अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी से 177.22 वर्गगज भूमि एवं मकान का विधिवत बैनामा कराया था। उनका कहना है कि बैनामा होने के बाद से वह उक्त संपत्ति पर वैध रूप से कब्जेदार और मालिक हैं। इसके बावजूद हाल ही में कुछ प्रभावशाली भूमाफियाओं ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची।
बुजुर्ग का आरोप है कि भाजपा नेता अजय गुप्ता समेत कई नामजद लोगों और 10 से 12 अज्ञात व्यक्तियों ने जेसीबी और मजदूरों की मदद से उनका मकान गिरवा दिया तथा देखते ही देखते प्लॉट के चारों ओर चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया। उनका कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई तो कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा और इसी बीच कथित कब्जाधारियों ने पूरी जमीन पर अपना कब्जा जमा लिया।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि लगातार शिकायतें करने से नाराज आरोपियों ने उनके परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता, मारपीट और गाली-गलौज की तथा पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी। 82 वर्षीय बुजुर्ग का कहना है कि जीवनभर की कमाई से खरीदी गई संपत्ति को बचाने के लिए अब वह प्रशासन के दरवाजे पर न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे हैं।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने मांग की है कि उनकी भूमि को तत्काल भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अब यह मामला जिला प्रशासन के सामने एक बड़ी परीक्षा बन गया है। यदि पीड़ित के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल भूमाफियाओं के बढ़ते हौसलों का उदाहरण होगा, बल्कि कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।