सिद्धार्थनगर में बड़ा हादसा टला बच्चों से भरी स्कूल मिनी बस नहर में गिरी : स्कूटी को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर सूखी नहर में गिरी कई बच्चों को आई मामूली चोटें
सिद्धार्थनगर में बड़ा हादसा टला बच्चों से भरी स्कूल मिनी बस सूखी नहर में गिरी स्कूटी को बचाने के प्रयास में चालक ने खोया नियंत्रण कुछ बच्चों को आई मामूली चोटें
सिद्धार्थनगर: सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया जब बच्चों से भरी एक स्कूली मिनी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित सूखी नहर में जा गिरी। हादसा रेहरा कोंडरा मार्ग पर रेहरा पेट्रोल पंप के पास हुआ। गनीमत रही कि हादसे में किसी बच्चे की जान नहीं गई।
जानकारी के मुताबिक सरला इंटरनेशनल एकेडमी की मिनी बस रोज की तरह सुबह बच्चों को लेने निकली थी। बस बच्चों को लेकर रेहरा की ओर जा रही थी। इसी दौरान सड़क पर अचानक सामने आई स्कूटी को बचाने के प्रयास में चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया।
बताया जा रहा है कि सड़क पर पड़ी गिट्टी मोरंग और सड़क किनारे रखे विद्युत विभाग के पोल के कारण भी स्थिति मुश्किल हो गई। स्कूटी को बचाने के दौरान बस विद्युत पोल से टकराई और इसके बाद अनियंत्रित होकर सूखी नहर में जा गिरी।
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। कुछ बच्चों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए ले जाया गया। उपचार के बाद कुछ बच्चों को उनके घर भेज दिया गया, जबकि कुछ बच्चे स्कू पड़ाल पहुंचकर पढ़ाई करते रहे। स्कूल प्रधानाचार्य ने सभी बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
वहीं, हादसे की सूचना पर एआरटीओ सिद्धार्थनगर संजय कुमार सिंह ने भी मामले का संज्ञान लिया। एआरटीओ के मुताबिक प्रथम दृष्टया स्कूटी को बचाने के प्रयास में हादसा होने की बात सामने आई है। चालक के ड्राइविंग लाइसेंस का नंबर लिया गया है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद सड़क पर गिट्टी-मोरंग, ठेले-गाड़ियों और विद्युत विभाग के पोल को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे निर्माण सामग्री और अन्य सामान पड़े रहने से हादसे का खतरा बना रहता है।
मीडिया के मौके पर पहुंचने के बाद गिट्टी को जेसीबी की मदद से हटाया गया, हालांकि विद्युत विभाग के पोल अभी भी सड़क किनारे पड़े बताए जा रहे है।
फिलहाल सभी बच्चों के सुरक्षित होने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। लेकिन सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित तरीके से सामग्री रखे जाने पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।