मिठौरा में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत पंच सम्मेलन आयोजित : 125 दिन रोजगार की गारंटी, 318 कार्यों और डिजिटल निगरानी की दी गई जानकारी
पीएचएम न्यूज |. ( संवाददाता) मनोज कुमार
महराजगंज। विकास खंड मिठौरा के ब्लॉक सभागार में सोमवार को विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम रोजगार सेवकों और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था, पंचायतों की भूमिका, जनभागीदारी और विकास कार्यों के प्रावधानों के प्रति प्रतिनिधियों को जागरूक करना रहा। सम्मेलन में ग्राम प्रधानों की भूमिका, पंचायतों के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में 318 प्रकार के कार्य कराए जा सकते हैं। ग्रामीण परिवारों के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इसके साथ ग्रामीण आजीविका, पंचायतों की भागीदारी, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दिए जाने की जानकारी दी गई। कृषि कार्यों के चरम समय में श्रमिकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए राज्य सरकारों को 60 दिनों तक कार्य विराम निर्धारित करने का प्रावधान है। इससे बुवाई और कटाई के समय कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहने में मदद मिलेगी। खंड विकास अधिकारी राहुल सागर ने कहा कि पंच सम्मेलन पंचायत प्रतिनिधियों को नई व्यवस्था से परिचित कराने और उनके साथ संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारियों, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी के माध्यम से गांवों के विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि वीबी-जी राम जी व्यवस्था में मजदूरी भुगतान को भी तेज करने पर जोर दिया गया है। मजदूरी भुगतान सात दिनों के भीतर किए जाने की व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है। कार्यस्थलों पर डिजिटल माध्यम से हाजिरी दर्ज करने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, जियो-टैगिंग और जीआईएस आधारित निगरानी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। सम्मेलन में ग्राम प्रधानों को योजना के प्रावधानों, रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, पंचायतों की जिम्मेदारियों, विकास कार्यों और डिजिटल पारदर्शिता से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामहरख गुप्त, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. रमेश चंद, बीडीओ राहुल सागर, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा गिरिजेन्दु पटेल, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिनिधि रघुनाथ पटेल, सतीश सिंह, आलोक रंजन, संत कुमार वर्मा, सचिव सर्वोत्तम विश्वकर्मा, अमरेंद्र राज यादव, सत्यम चौधरी, आशुतोष कुमार मौर्य, आशुतोष जायसवाल, सुनील गुप्ता, जयहिंद शर्मा, अशोक निगम, विशाल वर्मा, अश्वनी पटेल, राजन गुप्ता, संतोष गुप्ता, टीए शशिकांत कुमार, कपिल गुप्ता, चंद्रशेखर, निशांत तिवारी, शिवेंद्र, प्रदीप सिंह, प्रमोद सिंह और ईश्वर शरण वर्मा सहित तमाम ग्राम प्रधान एवं ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।