ग्राम रोजगार सेवकों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को सौंपा ज्ञापन : मानदेय समेत पांच मांगों के समाधान की उठाई आवाज
महराजगंज- उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ ने ग्राम रोजगार सेवकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों की लंबे समय से लंबित मांगों को शासन स्तर पर उठाकर उनका शीघ्र निस्तारण कराने की अपील की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के गांवों में ग्राम रोजगार सेवक लंबे समय से जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए मनरेगा सहित ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अब सरकार की ओर से योजना का नाम बदलकर ‘VB G RAM G’ किए जाने के बाद भी ग्राम रोजगार सेवकों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। संघ का आरोप है कि योजना से जुड़े कार्यों के अलावा भी उन्हें कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं, लेकिन उसके अनुरूप मानदेय और सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।संघ ने ज्ञापन के माध्यम से पहली प्रमुख मांग ग्राम रोजगार सेवकों को अन्य कार्य दिए जाने के एवज में ₹35 हजार प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने की रखी है। इसके लिए अलग से वित्तीय बजट की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की गई है। संघ का कहना है कि बढ़ती जिम्मेदारियों और महंगाई को देखते हुए वर्तमान मानदेय पर्याप्त नहीं है। दूसरी मांग के रूप में शासनादेश संख्या 73/38-7002(099)/143/2019 दिनांक 18 मार्च 2024 का पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से पालन कराने की मांग की गई। संघ के अनुसार वर्तमान में इसका लाभ केवल श्रावस्ती जनपद में दिए जाने की बात सामने आई है। संगठन चाहता है कि इसे प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किया जाए, ताकि मृत ग्राम रोजगार सेवकों के आश्रित एवं निराश्रित महिलाओं को ग्राम रोजगार सेवक पद पर समायोजन का अवसर मिल सके और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके। ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों के लिए एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग भी उठाई गई। संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 में डिफेंस एक्सपो मैदान, लखनऊ में ग्राम रोजगार सेवकों को एचआर पॉलिसी देने समेत कई घोषणाएं की गई थीं, लेकिन लंबे समय बाद भी उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका है। संगठन ने इन घोषणाओं को लागू कराने की मांग की।
इसके साथ ही डिजिटल मस्टर रोल और डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने के लिए प्रत्येक ग्राम रोजगार सेवक को उच्च गुणवत्ता वाला मोबाइल अथवा टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के दौर में आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध होने से ग्राम रोजगार सेवकों को कार्यों के निष्पादन में सुविधा होगी और सरकारी योजनाओं की निगरानी भी बेहतर तरीके से हो सकेगी। ज्ञापन सौंपते हुए संघ के पदाधिकारियों ने सांसद पंकज चौधरी से आग्रह किया कि ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं को प्रदेश सरकार एवं संबंधित विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाए। संघ ने उम्मीद जताई कि सांसद के हस्तक्षेप से उनकी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान होगा। ग्राम रोजगार सेवकों ने कहा कि वे ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय, सेवा सुरक्षा और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराया जाना भी आवश्यक है।