अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, बिहार का आरोपी गिरफ्तार : 32 स्लॉट के हाईटेक SIM Box, 151 सक्रिय सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद, एसपी ने टीम को ₹25 हजार पुरस्कार देने की घोषणा की
पीएच एम न्यूज (संवाददाता), महराजगंज। महराजगंज पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बिहार के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 32 स्लॉट वाले हाईटेक SIM Box के माध्यम से इंटरनेट (VoIP) से आने वाली विदेशी कॉलों को भारतीय मोबाइल नंबरों में परिवर्तित कर साइबर ठगी, ओटीपी फ्रॉड और फर्जी कॉल सेंटर जैसी वारदातों को अंजाम देता था। कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सक्रिय सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत साइबर थाना, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के मधुबनी जनपद के इस्लामपुर निवासी मो. नबीश (28 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 32 स्लॉट वाले हाईटेक SIM Box में एक साथ 32 सक्रिय सिम कार्ड लगाकर इंटरनेट (VoIP) के जरिए आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉलों को भारतीय मोबाइल नंबरों में बदल देता था। इससे कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिप जाती थी तथा विदेशी नंबर स्थानीय भारतीय नंबर के रूप में दिखाई देता था। इसी तकनीक का इस्तेमाल साइबर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन अपराधों में किया जा रहा था। इस अवैध गतिविधि से दूरसंचार कंपनियों को भी राजस्व का नुकसान पहुंच रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 32 स्लॉट का SIM Box, 151 सक्रिय सिम कार्ड, दो कीपैड मोबाइल फोन, एक वाई-फाई राउटर, तीन LAN केबल, दो पावर एडॉप्टर, दो फर्जी आधार कार्ड तथा एक बैग बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय दूरसंचार अधिनियम-2023 और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने संयुक्त पुलिस टीम को ₹25 हजार नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, ओटीपी फ्रॉड या ऑनलाइन ठगी की सूचना तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा निकटतम साइबर थाने को दें, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।