सांसद पप्पू यादव के विरोध में बजरंगबल कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, : पप्पू यादव के खिलाफ बजरंगबल का प्रदर्शन”
अलीगढ़। संसद परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र धारण करने तथा भगवान रामलला की तस्वीर और संत समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक प्रदर्शन किए जाने के विरोध में अलीगढ़ में बजरंगबल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने सांसद पप्पू यादव के प्रतीक के रूप में एक कार्यकर्ता को सड़क पर बैठाकर जूतों की माला पहनाई और विरोध जताया।
जीटी रोड स्थित रामलीला भवन के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “साधु-संतों का यह अपमान—नहीं सहेगा हिन्दुस्तान”, “प्रभु राम का यह अपमान—नहीं सहेगा हिन्दुस्तान”, “राहुल गांधी होश में आओ”, “अखिलेश यादव होश में आओ” तथा “वंदे मातरम्” के नारे लगाए।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बजरंगबल के संयोजक गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले में एसआईटी जांच चल रही है और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, ऐसे में इस विषय को लेकर किए जा रहे राजनीतिक प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने पप्पू यादव पर कई गंभीर आपराधिक मुकदमे होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा।
गौरव शर्मा ने कहा कि किसी संत की इस मामले में संलिप्तता सिद्ध नहीं हुई है, फिर भी भगवा वस्त्र धारण कर संत समाज को निशाना बनाना आपत्तिजनक है। उन्होंने भगवा वस्त्र धारण करने की तुलना त्रेता युग में रावण द्वारा सीता हरण के लिए साधु का वेश धारण करने से की। उन्होंने भगवान राम की तस्वीर को सांसद अवधेश प्रसाद के चरणों में रखे जाने की कथित घटना को करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जोड़ते हुए इसे गंभीर अपमान बताया।
उन्होंने पप्पू यादव सहित कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया तो जनता इसका विरोध करेगी।
बजरंगबल के संरक्षक अशोक चौधरी ने आरोप लगाया कि जब भी केंद्र की भाजपा सरकार व्यवस्था परिवर्तन से जुड़े मुद्दे उठाती है, तब उसके विरोधी दल सनातन संस्कृति और हिंदुत्व को निशाना बनाने लगते हैं। उन्होंने एफसीआरए संशोधन बिल, एनआरसी, परिसीमन और महिला आरक्षण सहित विभिन्न मुद्दों का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर राजनीतिक विरोध के नाम पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया।
बजरंगबल महानगर अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि संत का वेश धारण कर किए गए कथित प्रदर्शन से सनातन संस्कृति का अपमान हुआ है। उन्होंने दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में मंदिरों से जुड़े कथित मामलों का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों से सवाल किया कि उन मुद्दों को पहले क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर तीर्थ न्यास से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं होने के बावजूद राजनीतिक प्रदर्शन में भाजपा के खिलाफ नारे लगाए गए।
बजरंगबल के विभाग संयोजक शेखर शर्मा ने भाजपा सांसदों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में भगवान राम से जुड़ी तस्वीर के कथित अपमान के दौरान भाजपा सांसदों को इसका विरोध करना चाहिए था।
प्रदर्शन के बाद बजरंगबल संयोजक गौरव शर्मा ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ थाना प्रभारी विजय सिंह को तहरीर दी। तहरीर में पप्पू यादव पर संत समाज और प्रभु श्रीराम के अपमान के गंभीर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने पुलिस से मामले में कार्रवाई का विश्वास जताया।
इस अवसर पर डॉ. ऋषभदेव शर्मा, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दीपक सक्सेना, शेखर शर्मा, संजय सिंह, रवि राठी, अमित भारद्वाज, मोनू पंडित, सतीश मूर्ति, गुलशन ठाकुर, अजय सिंह, रितेश वर्मा, अजय गुप्ता, देव राहुल, गोपाल कुमार, केशव चौधरी, रमाकांत बजरंगी, धनंजय शर्मा, रोहित वार्ष्णेय, सचिन कश्यप, संदीप शर्मा, नीरज पंडित, राहुल गोस्वामी, विपिन मित्तल, आशु सक्सेना, राहुल शर्मा, मनीष बजरंगी, नितिन, निहाल राजपूत, लखन सैनी, राहुल मित्तल, राजा बाबू, बंटी कुमार, संदीप गब्बर, सुनील चौहान, दीपक सक्सेना, अमित शर्मा, जतिन वार्ष्णेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं नागरिक मौजूद रहे।