संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनी फरियाद : लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनी फरियाद, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
देवरिया, 17 अगस्त। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सोमवार को तहसील सदर में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के साथ जनसुनवाई की। इस दौरान राजस्व संबंधी मामलों में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि फरियादियों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने धारा 24 और 116 समेत विभिन्न राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि लंबित मामलों में आवश्यकतानुसार प्रारंभिक पैमाइश कराकर आदेशों का अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित राजस्व निरीक्षक के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जनता दर्शन, तहसील और थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता हो, उनमें दोनों विभागों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजने को कहा। डीएम ने कहा कि शिकायत के निस्तारण के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि फरियादी संतुष्ट हो और कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो।
जिलाधिकारी ने पुराने धारा 24 और 116 के मामलों से संबंधित पंजिका व पत्रावलियां मंगाकर उनका अवलोकन किया। उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की और नायब तहसीलदार को उनके प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग की शिकायत पर जताई नाराजगी
जनसुनवाई के दौरान ग्राम शाहबाजपुर निवासी शशिकला देवी ने सिंचाई विभाग में की गई शिकायत का भ्रामक निस्तारण किए जाने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग को वास्तविक स्थिति की जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर पंचायत गौरीबाजार निवासी राधाकृष्ण पांडेय ने प्राचीन मंदिर की भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा हस्तक्षेप और बेदखल किए जाने का मामला उठाया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं पुरवा मेहड़ा निवासी सोमनाथ प्रसाद ने अवैध रूप से किए गए पट्टे को निरस्त कर भूमि अपने नाम आवंटित किए जाने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों को फील्ड में भेजा
जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक पंचायत अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और अधिशासी अभियंता समेत अन्य अधिकारियों को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के संचालित केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और कमियां मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की और संबंधित थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
32 शिकायतें मिलीं, दो का मौके पर निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 32 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से दो मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष 30 प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग से संबंधित 15, पुलिस एवं विकास विभाग से चार-चार तथा अन्य विभागों से संबंधित नौ प्रकरण शामिल रहे।
इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर संजय कुमार रेड्डी, तहसीलदार अलका सिंह, नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौंडिल्य समेत राजस्व विभाग के कानूनगो, लेखपाल और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।