जेल में बंद बुजुर्गों की समयपूर्व रिहाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश
देवरिया, 08 अगस्त: जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शनिवार को जिला कारागार का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
महिला बैरक के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, नियमित टीकाकरण कराने तथा आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कारागार की पाकशाला का निरीक्षण कर बंदियों को मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विशेष सुरक्षा वाले बैरकों में निगरानी बढ़ाने और वहां निरुद्ध बंदियों की गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखने को भी कहा।
जेल चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीमार बंदियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि किसी भी बंदी को अनावश्यक रूप से जेल चिकित्सालय में भर्ती न रखा जाए। कम उम्र के युवक-युवतियों और महिला बंदियों को कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर उन्हें हुनरमंद बनाने पर भी जोर दिया।
जेल में बने उत्पादों की होगी बेहतर मार्केटिंग
जिलाधिकारी ने 'एक जेल, एक उत्पाद' के तहत तैयार किए जा रहे उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बंदियों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार मिल सके और उन्हें उचित लाभ प्राप्त हो।
बुजुर्ग बंदियों की रिहाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने 70 वर्ष से अधिक आयु के सिद्धदोष पुरुष बंदियों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु की सिद्धदोष महिला बंदियों की दया याचिका और समयपूर्व रिहाई के लिए नियमानुसार प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए।
उन्होंने ऐसे बंदियों को भी विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिन्हें अधिवक्ता नहीं मिल पा रहे हैं। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से शासकीय अधिवक्ता उपलब्ध कराने को कहा, ताकि बंदियों के मामलों की प्रभावी पैरवी हो सके।
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने तथा प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक आशीष रंजन सहित अन्य जेल अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।