राष्ट्रीय स्टार्टअप कार्यशाला में एमजीयूजी के एनसीसी कैडेट अभिषेक व विकास का उत्कृष्ट प्रदर्शन : ऑटोमेटेड हाइड्रोपोनिक टेक्नोलॉजी और आयस्टर मशरूम प्रोजेक्ट ने किया सबको प्रभावित
गोरखपुर, 14 अक्टूबर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) ने एक बार फिर गर्व का अवसर प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय के दो एनसीसी कैडेट — अंडर ऑफिसर अभिषेक चौरसिया और सार्जेंट विकास यादव — ने लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्टार्टअप कार्यशाला में अपने नवाचार प्रोजेक्ट्स के दम पर सबका ध्यान आकर्षित किया। दोनों कैडेट्स ने 102 यूपी बटालियन गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय तथा जनपद गोरखपुर का नाम रोशन किया।
कार्यशाला के दौरान अंडर ऑफिसर अभिषेक चौरसिया ने ऑटोमेटेड हाइड्रोपोनिक टेक्नोलॉजी आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया, जिसमें बिना कीटनाशक (Pesticide Free) और बिना रसायन (Insecticide Free) के शुद्ध व स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां उत्पादन करने का समाधान विकसित किया गया है। यह तकनीक भविष्य की टिकाऊ कृषि (Sustainable Farming) के रूप में सराही गई। अभिषेक ने बताया कि यह सिस्टम पानी की अत्यंत कम मात्रा में अधिक उत्पादन देने में सक्षम है, जिससे छोटे किसान भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
वहीं, सार्जेंट विकास यादव ने आयस्टर मशरूम (ऑयस्टर घोंघा मशरूम) उत्पादन पर आधारित स्टार्टअप मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह कम लागत में शुरू होने वाला और अधिक लाभ देने वाला उद्यम है, जिसे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है। उनकी इस प्रस्तुति को अधिकारियों ने ‘प्रैक्टिकल एंड मार्केट-रेडी आइडिया’ बताया।
दोनों कैडेट्स के नवाचारों को कार्यक्रम में उपस्थित कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक मान सिंह ने विशेष रूप से सराहा और उन्हें आगे राष्ट्रीय स्तर पर भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी के साथ दोनों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह, कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. डीएस अजीथा, डॉ. सुनील कुमार सिंह, डॉ. विमल कुमार दुबे, डॉ. शशिकांत सिंह, डॉ. रोहित श्रीवास्तव एवं लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव समेत अनेक शिक्षकों ने दोनों कैडेट्स को बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे युवा नवाचारकर्ता आने वाले समय में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एमजीयूजी का उद्देश्य केवल शिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाना भी है। अभिषेक और विकास ने यह साबित कर दिया कि अनुशासन (NCC) के साथ जब विज्ञान और नवाचार जुड़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है।
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