गोरखपुर न्यूज़
Home / Local / Uttar Pradesh / गोरखपुर
🚨 Breaking News | गोरखपुर

एआई से पौधों में औषधीय तत्वों की पहचान, गोरखपुर विश्वविद्यालय की रिसर्च को यूके से पेटेंट : 50 औषधीय पौधों पर परीक्षण से विकसित हुई तकनीक

गोरखपुर | 24-Mar-2026 08:28 PM | 47 |
गोरखपुर
50 औषधीय पौधों पर परीक्षण से विकसित हुई तकनीक

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

गोरखपुर। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में गोरखपुर को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से पौधों को स्कैन कर उनमें मौजूद औषधीय तत्वों की पहचान की जा सकेगी। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तूलिका मिश्रा के इस नवाचार को यूनाइटेड किंगडम (यूके) से पेटेंट प्राप्त हुआ है।
यह शोध औषधीय अनुसंधान के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इस तकनीक के जरिए दवा खोजने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज, सटीक और किफायती हो सकेगी। खास बात यह है कि यह प्रणाली पौधों में मौजूद जैव-सक्रिय यौगिकों (Bioactive Compounds) की पहचान एआई के माध्यम से कुछ ही समय में कर सकती है।
इस महत्वपूर्ण रिसर्च में डॉ. तूलिका मिश्रा के साथ देश के विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों ने करीब दो वर्षों तक लगातार कार्य किया। इस दौरान लगभग 50 औषधीय पौधों पर गहन परीक्षण और स्क्रीनिंग की गई। सकारात्मक और सटीक परिणाम मिलने के बाद इस डिजाइन को पेटेंट के लिए प्रस्तुत किया गया, जिसे अब यूके से स्वीकृति मिल चुकी है।
रिसर्च के दौरान विकसित की गई तकनीक एक उन्नत एआई आधारित प्रणाली है, जो औषधीय पौधों के यौगिकों की तेजी से स्क्रीनिंग कर उनकी संभावित औषधीय उपयोगिता का विश्लेषण करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पारंपरिक वनस्पति ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है, जो भविष्य में दवा निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
इस विषय में डॉ. तूलिका मिश्रा ने बताया कि यह एक डिजाइन पेटेंट है, जिसमें एआई तकनीक के माध्यम से किसी भी पौधे के बायो-ऑब्जेक्टिव केमिकल्स जैसे अल्कालॉयड, स्टेरॉयड, फिनॉल और टैनिन्स की पहचान की जा सकती है। यह प्रक्रिया शोधकर्ताओं को कम समय में अधिक सटीक परिणाम उपलब्ध कराने में सक्षम होगी।
गौरतलब है कि डॉ. तूलिका मिश्रा का यह पांचवां पेटेंट है, जिसमें एक कॉपीराइट भी शामिल है। इस शोध में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के वैज्ञानिकों ने योगदान दिया है। इनमें डॉ. सीमा मंडल, डॉ. परशावेनी बालाराजू, राज्यलक्ष्मी मिश्रा, डॉ. सीमा नारखेडे, डॉ. थोडूर मनोहरन विजयलक्ष्मी और डॉ. रुचिका श्रीवास्तव प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी खुशी जताई है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एआई के सहयोग से किया गया यह नवाचार भविष्य में औषधीय अनुसंधान को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
यह उपलब्धि गोरखपुर के शैक्षणिक और वैज्ञानिक स्तर को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नई पहचान दिलाने वाली मानी जा रही है। आने वाले समय में यह तकनीक दवा निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

अन्य खबरें

डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय: एलएलबी प्रवेश परीक्षा में 90% और एमबीए में 91% अभ्यर्थी रहे उपस्थित : एमसीए और एमएससी रसायन विज्ञान की परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक आयोजित

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर : वाहन टक्कर के बाद महिला से अभद्रता व मारपीट, शाहपुर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर : गोला पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, लॉकेट और बाइक बरामद

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर से पौधरोपण महायज्ञ-2026 की शुरुआत करेंगे सीएम योगी : 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर : बारिश के बीच सीएम योगी का जनता दर्शन, 250 लोगों की सुनीं समस्याएं

गोरखपुर न्यूज़

बांसगांव में सक्रिय हुए पूर्व मंत्री सदल प्रसाद : जनसंपर्क अभियान से बढ़ी राजनीतिक हलचल

गोरखपुर न्यूज़

सरस्वती शिशु मंदिर में UPSC टॉपर इशिता शर्मा का भव्य सम्मान : 21 औषधीय पौधों का रोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर में सपा की मासिक बैठक: बूथ सशक्तिकरण पर जोर, अयोध्या पोस्टर प्रकरण में गिरफ्तारी की निंदा : गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक में संगठन विस्तार,

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर : विश्वविद्यालय के सात शोधार्थियों को मिला ICHR का प्रतिष्ठित शोध अनुदान

गोरखपुर न्यूज़

गोरखपुर : 5 किलोमीटर पीछा कर मोबाइल छिनैती का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर न्यूज़
KIRORI MAL KA HATA, SUMER SAGAR, GORAKHPUR
Copyright © 2024 - 2025 PHM News. All Rights Reserved.