बंद मिले आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगी कठोर कार्रवाई
देवरिया। जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन को लेकर बाल विकास विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन सुबह 8 बजे क्षेत्र में निरीक्षण कर आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति जांची जा रही है। इसके बावजूद कई केंद्र समय से नहीं खुलने और पोषण ट्रैकर पर उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने की शिकायत सामने आ रही है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पहले बंद मिले केंद्रों की कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। पोषण ट्रैकर के माध्यम से ऐसे केंद्रों को भी चिन्हित किया गया है, जहां केंद्र से ही संचालन की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय किसी अन्य स्थान से केंद्र खोलने की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
इस मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारियों को संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
20 अगस्त को निरीक्षण में कई केंद्र मिले बंद
20 अगस्त 2026 को विभिन्न अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। भलुअनी परियोजना के ओझा परसिया में सुमन देवी व बृज किशोरी देवी, कन्हौली में सहायिका किरन, रामपुर कारखाना के डुमरी केंद्र की कार्यकत्री पूनम सिंह, सदर क्षेत्र के लाहिलपार में सरोज मिश्रा, मीना देवी व रीता देवी, बड़हरा में गीता देवी व खुशबुन्निशा, धटैला गाजी में अमलावती व अंजू देवी, भाटपाररानी के कोठिलवा में संगीता व रेखा तथा गौरीबाजार के लेड़हा में पूनम देवी व गीता देवी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाई गईं।
विभाग ने इन सभी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है। अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित निरीक्षण के साथ पोषण ट्रैकर की रिपोर्ट की भी निगरानी की जा रही है।