गोरखपुर। गोरखपुर के सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन ने “नील गगन पूर्वांचल – ईको वॉरियर” अभियान के द्वितीय चरण (फेज-2) का आधिकारिक पोस्टर विमोचन किया। इस अवसर पर पूर्वांचल यूथ वेलफेयर एसोसिएशन (PYW...
गोरखपुर। गोरखपुर के सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन ने “नील गगन पूर्वांचल – ईको वॉरियर” अभियान के द्वितीय चरण (फेज-2) का आधिकारिक पोस्टर विमोचन किया। इस अवसर पर पूर्वांचल यूथ वेलफेयर एसोसिएशन (PYWA) के अध्यक्ष नारायण दत्त पाठक सहित अभियान से जुड़े कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, ईको ब्रिक निर्माण तथा प्रस्तावित ईको पार्क की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
“नील गगन पूर्वांचल – ईको वॉरियर” फ्लाईअप फाउंडेशन और पूर्वांचल यूथ वेलफेयर एसोसिएशन (PYWA) द्वारा संचालित एक युवा-नेतृत्व आधारित पर्यावरणीय अभियान है। इसकी स्थापना अभय सिंह और नारायण दत्त पाठक ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास की गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से की थी।
पिछले तीन वर्षों से संचालित इस अभियान के माध्यम से एक हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों तथा वृक्षारोपण अभियानों से जोड़ा जा चुका है। अभियान पूर्वांचल के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहा है। पिछले वर्ष आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत 680 पौधों का रोपण किया गया था, जिसे व्यापक सराहना मिली थी।
वर्ष 2026 में अब तक 250 से अधिक युवाओं को ईको ब्रिक निर्माण का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके तहत लगभग एक क्विंटल प्लास्टिक अपशिष्ट का पुनः उपयोग कर टेबल, स्टूल, फ्लावर पॉट, डस्टबिन और अन्य उपयोगी संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं को आगामी ईको पार्क में स्थापित करने की योजना है।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा संचालित “नील गगन पूर्वांचल” जैसी पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही हैं। प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने का यह प्रयास सराहनीय है और इससे पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी।
PYWA के अध्यक्ष नारायण दत्त पाठक ने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी पर आधारित पर्यावरणीय आंदोलन है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में ईको पार्क विकास, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रशिक्षण और ईको ब्रिक मॉडल को अधिक से अधिक शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभियान के सह-संस्थापक अभय सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में प्राप्त अंतरराष्ट्रीय ईको ब्रिक प्रशिक्षण से प्रेरित होकर इस पहल की शुरुआत की गई थी। आज यह अभियान पूर्वांचल में पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन का एक प्रमुख युवा आंदोलन बन चुका है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त समाज और सतत विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।