गोरखपुर धर्मशाला बाजार भूमि विवाद: सुभाष अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में आरोपों का किया खंडन, निष्पक्ष जांच की मांग : दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग, कहा—‘कब्जा दूसरे लोगों का, बेवजह हमें बनाया जा रहा निशाना’।
विभव पाठक, ब्यूरो चीफ
गोरखपुर। धर्मशाला बाजार क्षेत्र में चल रहे भूमि विवाद में बुधवार को नया मोड़ आ गया। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सुभाष चन्द्र अग्रवाल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करते हुए पूरे मामले को साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि जिस भूमि पर विवाद बताया जा रहा है, उस पर वास्तविक कब्जा अन्य लोगों का है, जबकि बेवजह उनका नाम विवाद में जोड़ा जा रहा है।
प्रेस वार्ता में सुभाष अग्रवाल ने बताया कि आराजी संख्या 746 स्थित पुस्तैनी मकान उनके पूर्वजों के नाम दर्ज था और उनके निधन के बाद विधिवत वरासत के आधार पर उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि उनका सरोकार केवल इसी संपत्ति से है और अन्य किसी भूमि पर उनका कोई दावा या संबंध नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मार्कण्डेय बिल्डिंग में लगभग 1000 वर्गफुट भूमि पर राहुल गुप्ता एवं अन्य लोगों द्वारा कब्जा किया गया है, जबकि उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि आराजी संख्या 745 की लगभग 27 डिसमिल भूमि नगर निगम द्वारा अधिग्रहित की जा चुकी है। उनके अनुसार उसी सरकारी भूमि पर राहुल गुप्ता, संजीव गुप्ता समेत अन्य लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध निर्माण कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सुभाष अग्रवाल ने कहा कि उन्हें भू-माफिया बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" जैसी है, जहां कथित कब्जा करने वाले लोग ही आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके आरोप केवल मौखिक नहीं हैं, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित हैं। इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेस वार्ता के माध्यम से सुभाष अग्रवाल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि तथ्य सामने आ सकें और यदि किसी ने सरकारी अथवा निजी भूमि पर अवैध कब्जा किया है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।