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गोरखपुर की सभी तहसीलों में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल, : बाढ़ और अग्निकांड से निपटने का अभ्यास

गोरखपुर | 12-Jun-2026 09:16 PM | 47 |
गोरखपुर
बाढ़ और अग्निकांड से निपटने का अभ्यास

गोरखपुर। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा राहत आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर गुरुवार को जनपद गोरखपुर की सभी तहसीलों में व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान बाढ़, अग्निकांड, नाव दुर्घटना, अस्पताल में आग लगने जैसी विभिन्न आपदा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने कहा कि आपदा की किसी भी स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और संयुक्त प्रयास ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी है।
तहसील सदर में बाढ़ की आपदा को आधार बनाकर व्यापक अभ्यास किया गया। इसमें प्रभावित लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर स्थापित करने, पीड़ितों का पंजीकरण करने, कम्युनिटी किचन संचालित करने तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने नाव दुर्घटना नियंत्रण, अंडरवाटर रेस्क्यू ऑपरेशन तथा संचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का अभ्यास भी किया। पूरे कार्यक्रम की निगरानी ड्रोन कैमरे के माध्यम से की गई और लाइव प्रसारण भी किया गया।
सहजनवा तहसील में एचपीसीएल बॉटलिंग प्लांट के बाहर गैस टैंकर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। वहीं चौरी-चौरा तहसील में मल्टी डिजास्टर परिदृश्य तैयार कर फील्ड हॉस्पिटल स्थापित किया गया, जहां सात चिकित्सकों की टीम ने घायलों को तत्काल उपचार देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
बांसगांव तहसील में अस्पताल में आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने का अभ्यास किया गया। कैंपियरगंज में बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों और पशुओं को सुरक्षित निकालने तथा पशु राहत शिविर स्थापित करने की कार्ययोजना को परखा गया। खजनी तहसील में पुल क्षतिग्रस्त होने और बांध में रिसाव की स्थिति से निपटने का अभ्यास किया गया, जबकि गोला तहसील के बड़हलगंज घाट पर नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षित संचालन के लिए नाविकों और मोटर बोट चालकों को प्रशिक्षण दिया गया।
सुबह नौ बजे से जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) को सक्रिय कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कमान संभाली। वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया। इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत उप जिलाधिकारी इंसिडेंट कमांडर और तहसीलदार लॉजिस्टिक सेक्शन चीफ की भूमिका में रहे।
इस अवसर पर बिहार राज्य आपदा मोचन बल की 26 सदस्यीय टीम ने 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ गोरखपुर के साथ संयुक्त अभ्यास किया तथा रेस्क्यू ऑपरेशन और सीपीआर तकनीकों का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल में राजस्व, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, अग्निशमन, स्वास्थ्य, नगर निगम, सिंचाई, पंचायती राज विभाग, एनसीसी और आपदा मित्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियों की तैयारियों को परखना और मजबूत करना था।

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