जसर में दिनदहाड़े फौजी की 10 माह की बेटी का अपहरण, क्षेत्र में सनसनी : भ्रम के चलते बच्ची को साथ ले गया किशोर
जहांगीराबाद। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जसर में शनिवार को दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने एक फौजी की 10 महीने की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने बच्ची को चुप कराने का बहाना बनाया और मां की आंखों के सामने से उसे लेकर रफूचक्कर हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव जसर निवासी देवेंद्र जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं, उनकी पत्नी वंदना अपनी 10 माह की मासूम बेटी को दवा दिलाने के लिए गांव के ही डॉ. समय सिंह के क्लीनिक पर गई थीं। क्लीनिक पर बच्ची लगातार रो रही थी। इसी दौरान वहां मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक आए।
युवकों ने हमदर्दी दिखाते हुए बच्ची को चुप कराने का बहाना बनाया और उसे गोद में ले लिया।
वंदना कुछ समझ पाती, उससे पहले ही बदमाश बच्ची को लेकर बाइक से फरार हो गए। बच्ची अपहरण की वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ विकास प्रताप और कोतवाली प्रभारी सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। फौजी की पत्नी वंदना और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस प्रशासन हर संभावित एंगल से मामले की तफ्तीश कर रहा है, आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी केमरों की फुटेज खंगाली गयी। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने धर दबोचा और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपियों के कबूलनामे से एक अलग ही बात सामने आई, जिसमे आरोपियों ने बताया कि वह गलतफहमी के चलते बच्ची को अपनी भतीजी समझकर अपने साथ ले गए थे। आरोपी अपने आप को डॉ समय सिंह का रिस्तेदार बता रहे थे। वहीं आरोपी, बच्ची को डॉ समय सिंह ए परिवार की बच्ची समझकर ले जाने का दावा कर रहे थे। दूसरी तरफ बच्ची की माँ ने इन सभी बातों को ख़ारिज करते हुए आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई व न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल खबर लिखें जाने तक तहरीर नहीं दी गयी।
क्या था पूरा मामला?
डॉक्टर समय सिंह के यहाँ उनकी धेवती आई हुई थी। उनके एक रिश्तेदार, राजेंद्र ने अपने नाबालिग पुत्र को धेवती को बुलाने के लिए भेजा था। क्लिनिक पर भीड़ और भ्रम के कारण किशोर वहां दवाई लेने आई महिला वंदना की बच्ची को अपनी रिश्तेदार समझकर अपने साथ ले गया। राजेंद्र को जैसे ही गलती का अहसास हुआ, उन्होंने तुरंत डॉ. समय सिंह को फोन कर स्थिति स्पष्ट की। वे तत्काल बच्ची और अपने पुत्र को लेकर गांव पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में बच्ची को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने किशोर को एहतियातन हिरासत में लिया है।
"बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। यह मामला आपसी गलतफहमी का प्रतीत हो रहा है। यदि पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर प्राप्त होती है, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"
डॉ. तेजवीर सिंह, एसपी देहात
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