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तहसीलदार से एसडीएम बने 20 अधिकारियों को गोरखपुर में विशेष प्रशिक्षण

प्रकाशित: 10 Jun 2026

गोरखपुर। प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से तहसीलदार पद से पदोन्नत होकर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) बने अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी क्रम में 20 नवपदोन्नत उप जिलाधिकारियों को तीन दिवसीय विशेष मॉड्यूल के तहत 8 से 10 जून तक गोरखपुर भेजा गया, जहां उन्हें प्रशासनिक कार्यों की व्यवहारिक और क्षेत्रीय बारीकियों से अवगत कराया गया।

जानकारी के अनुसार, सभी अधिकारी 1 मई से लखनऊ में चल रहे मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे हैं, जो 12 जून तक संचालित होगा। इसी प्रशिक्षण के अंतर्गत फील्ड एक्सपोजर और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से अधिकारियों को विभिन्न जनपदों में भेजा गया। गोरखपुर में आयोजित प्रशिक्षण का नेतृत्व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने किया।

गोरखपुर पहुंचने पर अधिकारियों ने जिलाधिकारी दीपक मीणा से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया और नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उप जिलाधिकारी प्रशासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, इसलिए उन्हें निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था, जनसुनवाई, भूमि विवादों के निस्तारण, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने अधिकारियों को फील्ड में आने वाली चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम में केस स्टडी और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से अधिकारियों को संवेदनशील मामलों में त्वरित एवं न्यायसंगत निर्णय लेने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही डिजिटल प्रशासन, ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण के समापन पर अधिकारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिए बेहतर समझ और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ है। प्रशिक्षण के बाद सभी अधिकारी लखनऊ लौटकर 12 जून तक चलने वाले मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह पहल प्रशासनिक क्षमता निर्माण और जनसेवा को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।