लगातार बारिश के बीच महापौर और मंडलायुक्त का शहर दौरा : जलजमाव पर रेलवे-पीडब्ल्यूडी को सख्त निर्देश
गोरखपुर। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। स्थिति का जायजा लेने के लिए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सोमवार को नगर आयुक्त अजय जैन, जलकल विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जल निकासी व्यवस्था का आकलन करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत धर्मशाला पुल के नीचे स्थित अंडरपास से हुई। यह स्थान हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता है। निरीक्षण के समय वहां पानी जमा नहीं था, लेकिन महापौर ने बताया कि अंडरपास की संरचना कटोरे जैसी होने के कारण आसपास की रेलवे कॉलोनियों और मोहल्लों का वर्षा जल तेजी से यहां एकत्रित हो जाता है। थोड़ी देर की बारिश में ही यहां पांच से छह फीट तक पानी भर जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
महापौर ने बताया कि पहले रेलवे प्रशासन की ओर से भी यहां पंपिंग की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन वर्तमान में केवल नगर निगम ही पंप संचालित कर रहा है। इस पर मंडलायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए रेलवे के मुख्य अभियंता से धर्मशाला पुल के समीप बने सम्पवेल पर उच्च क्षमता का पंप तत्काल स्थापित कराने को कहा, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
इसके बाद निरीक्षण दल दाउदपुर, आर्यन हॉस्पिटल मार्ग और रुस्तमपुर नहर रोड तिराहे पर पहुंचा। यहां बरसाती पानी निकल चुका था, लेकिन अभियंताओं ने बताया कि तिराहे पर बने कलवर्ट की ऊंचाई अधिक होने के कारण पानी का बैक फ्लो होता है। इससे आर्यन हॉस्पिटल वाली गली का पानी स्वाभाविक रूप से नहीं निकल पाता और पंपिंग के सहारे जल निकासी करनी पड़ती है। मंडलायुक्त ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अभियंताओं को नगर निगम के साथ संयुक्त निरीक्षण कर स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान चम्पा देवी पार्क के निकट गोरक्ष इन्क्लेव के सामने जलभराव की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को तत्काल पंपिंग कर पानी निकालने के निर्देश दिए गए। साथ ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष को निर्देशित किया गया कि बरसाती पानी की सुचारु निकासी के लिए नाले की गहराई बढ़ाने तथा उसे पैडलेंगंज के मुख्य नाले से जोड़ने की विस्तृत योजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई से शहरवासियों में राहत की उम्मीद जगी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पूरे मानसून के दौरान लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और जहां भी जलभराव की समस्या सामने आएगी, वहां तत्काल कार्रवाई के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।