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नौकरी बचाने की जंग छतरपुर जिले ले 3100 शिक्षको को देनी होगी पात्रता परीक्षा : नौकरी बचाने की जंग छतरपुर जिले ले 3100 शिक्षको को देनी होगी पात्रता परीक्षा

Chhatarpur | 28-Mar-2026 09:33 PM | 109 |
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नौकरी बचाने की जंग छतरपुर जिले ले 3100 शिक्षको को देनी होगी पात्रता परीक्षा

नौकरी बचाने की जंग: छतरपुर जिले के 3100 शिक्षकों को देनी होगी पात्रता परीक्षा

PHM NEWS
महेन्द्र कुमार पाल 
लवकुश नगर जिला छतरपुर मध्य-प्रदेश 
मो.9179242728

छतरपुर। शिक्षा विभाग में एक नए आदेश ने जिले के हजारों शिक्षकों की रातों की नींद उड़ा दी है। लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार, जिले के 3100 प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए आगामी दो साल के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। यह आदेश विशेष रूप से उन शिक्षकों पर लागू हो रहा है, जिन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत अनिवार्य टीईटी परीक्षा पास नहीं की है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ाई मुश्किलें
इस पूरे विवाद की जड़ 2017 में सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका है। कोर्ट ने सितंबर 2025 में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त जिन शिक्षकों ने अब तक पात्रता परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए दो साल का समय दिया जाए। यदि वे जुलाई-अगस्त 2026 में प्रस्तावित इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते, तो उन्हें नौकरी छोडऩी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। हालांकि, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम समय बचा है, उन्हें इस परीक्षा से छूट दी गई है।
2005 की नियुक्तियों पर संशय बरकरार
शिक्षकों के बीच सबसे बड़ा संशय 2005 की नियुक्तियों को लेकर है। 2005 में पहली बार व्यापमं ने संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा ली थी। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षक पहले ही व्यापमं की कठिन प्रक्रिया से गुजर कर आए हैं, फिर उन्हें दोबारा परीक्षा क्यों देनी पड़ रही है? लोक शिक्षण आयुक्त के आदेश में फिलहाल इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। साथ ही, वे शिक्षक जो अब पदोन्नत होकर हाईस्कूल या हायर सेकंडरी में पढ़ा रहे हैं, वे भी इस असमंजस में हैं कि यह आदेश उन पर प्रभावी होगा या नहीं।
शिक्षक संगठनों ने खोला मोर्चा
मप्र शासकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष कमल अवस्थी ने सरकार से मांग की है कि वह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखे। उनका कहना है कि नियुक्ति के बाद भर्ती नियमों में बदलाव करना अनुचित है। यदि सरकार रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करती, तो शिक्षक संगठन अपने स्तर पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
इनका कहना
यह आदेश उन प्राइमरी और माध्यमिक शिक्षकों के लिए है जिन्होंने अब तक टीईटी परीक्षा नहीं दी है। जिले में ऐसे लगभग 3100 शिक्षक चिह्नित किए गए हैं। आगामी जुलाई-अगस्त में यह परीक्षा प्रस्तावित है, जिसकी सूचना जारी करने

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