दरोगा ने लड़की से युवक को थप्पड़ जड़वाए:वाराणसी में आहत लड़के ने गंगा में कूद जान दी

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वाराणसी में पुलिसवालों ने बीच चौराहे पर एक युवक को पीटा। फिर लड़की से थप्पड़ जड़वाए। सरेआम हुई बेइज्जती से युवक ने गंगा में कूदकर जान दे दी। घरवालों ने देर रात शव सड़क पर रखकर हंगामा कर दिया।

उनका कहना था कि सभी पुलिसवालों के खिलाफ FIR लिखी जाए। उन्हें गिरफ्तार किया जाए। हंगामा बढ़ता देख 5 थानों की फोर्स बुलाई गई। DCP सूर्यकांत त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने तत्काल दरोगा और कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया। तब जाकर परिजन माने। देर रात पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। हालांकि, मृतक के परिजनों की शिकायत पर अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। घटना का CCTV भी सामने आया है। इसमें सिपाही युवक को थप्पड़ मारते दिख रहा है।

युवक के पिता लंका थाने में होमगार्ड
लंका थाने में शारदा प्रसाद होमगार्ड हैं। उनका बेटा विशाल सोनकर फल-सब्जी की ठेला लगाता है। सुबह ठेले के पास से छात्रा साइकिल से गुजरी। विशाल ने उस पर टिप्पणी कर दी।

छात्रा ने साइकिल रोक दिया और इसका विरोध करने लगी। फिर दोनों में कहासुनी हो गई, तभी लंका इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा, दरोगा लक्ष्मीकांत और सिपाही रंगपाल पहुंच गए।

सिपाही ने विशाल को थप्पड़ जड़ दिया। पुलिसकर्मियों ने छात्रा से भी 3 थप्पड़ जड़वाए। पिटाई से आहत होकर विशाल सीधे रविदास घाट पर गया और गंगा में छलांग लगा दी। NDRF और जल पुलिस के गोताखोरों ने शव को बरामद किया।

युवक की मौत के बाद इंस्पेक्टर पर आक्रोश
घटना के बाद युवक के परिजन और रिश्तेदारों ने घर के बाहर शव रखकर हंगामा किया। फिर ठेले पर शव रखकर लंका थाने जाने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पंचकोशी मार्ग चौराहे पर रोक दिया। परिजन इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही पर केस दर्ज कराने की जिद पर अड़ गए और हंगामा कर दिया।

पुलिस के रोकने पर नोकझोंक
हंगामे की सूचना मिलते ही ACP धनंजय मिश्रा मौके पर पहुंचे। परिजनों से तहरीर लेकर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन घरवालों कार्रवाई पर अड़ गए। इस दौरान पुलिस की परिजनों से तीखी नोकझोंक भी हुई। घरवालों का कहना था कि पुलिस ने व्यवहार अमानवीय किया। सरेराह पिटाई करना और फिर लड़की से पिटवाना ठीक नहीं था। इंस्पेक्टर ने भी सिपाही को रोका नहीं, बल्कि सहमति दी। अगर सिपाही ने सिर्फ समझा दिया होता तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।

मामला बढ़ता देखकर DCP सूर्यकांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दरोगा लक्ष्मीकांत और हेड कॉन्स्टेबल रंगपाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा के खिलाफ जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। आज शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

छात्रा बोली- कई दिनों से परेशान कर रहा था
छात्रा ने कहा- युवक मुझे कई दिनों से परेशान कर रहा था। मैं तो उसका नाम तक नहीं जानती थी। कल जब स्कूल जा रही थी, तब भी उसने कमेंट किया। लौटते समय रोक लिया और गालियां देने लगा। उसने मेरे साथ गलत किया था। पुलिस के सामने मैंने उसे एक थप्पड़ मारा था। छात्रा की मां ने कहा- मेरी बेटी बदनामी के डर से कुछ नहीं कहती थी। अब बात पता चली। उसके साथ गलत हो रहा था।

जांच कमेटी का गठन
DCP ने सूर्यकांत त्रिपाठी बताया- दरोगा और कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर किया है। एक जांच कमेटी भी गठित की है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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