ग़ाज़ियाबाद वार्ड 58 के पार्षद परशुराम विरोधी मानसिकता रखते है – क्या पार्षद के कारण उभरी कलह - PHM NEWS, Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें
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गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड संख्या-58 शिवपुरी में यह मामला प्रकाश में आया है। इस वार्ड के अंतर्गत मवई गांव आता है। गांव के प्रवेश द्वार का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर किया गया था। जो कि मा० सदन और ग़ाज़ियाबाद नगर निगम द्वारा दिनाँक 27.11.2021 को बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पास हो चुका है, जिसे जन सहयोग से स्टील के शब्दों में भगवान श्री परशुराम द्वार लिखा रहे थे

 

 

परशुराम विरोधी मानसिकता का आरोप 

गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड संख्या-58 शिवपुरी में यह मामला प्रकाश में आया है। इस वार्ड के अंतर्गत मवई गांव आता है। गांव के प्रवेश द्वार का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर किया गया था। मेयर ग़ाज़ियाबाद आशा शर्मा द्वारा विजय नगर जोनल ऑफिसर, ग़ाज़ियाबाद नगर निगम को प्रस्ताव संख्या – 475 में सहयोग करे और जोनल ऑफिसर विजय नगर जोन ने स्ट्रीट लाइट गाड़ी भेजकर सहयोग कर स्टील के शब्दों से भगवान श्री परशुराम द्वार लिखवा रहे थे, किन्तु वार्ड न० 58 शिवपुरी के पार्षद विकास खारी के उक्त मामले पर निगम अधिकारियों को गुमराह कर कह दिया इस द्वार पर पहले से मैने कोई ओर नाम पास करा रखा है और लिखे जा रहे भगवान श्री परशुराम द्वार को रुकवा दिया

पहले

बाद मे

पार्षद को लेकर गुस्सा

पार्षद खारी पर परशुराम विरोधी मानसिकता अपनाने का भी आरोप लगाया है। देव नारायण शर्मा, संजय शर्मा, सुंदर लाल शर्मा, ललित शर्मा, राहुल शर्मा, तुषार, कपिल, तन्नू आदि इस मामले में बुधवार को महापौर से मुलाकात करेंगे। उधर, पार्षद विकास खारी से इस मामले में उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर वह उपलब्ध नहीं हो सके।

पार्षद विकास खारी का क्या कहना है 

पार्षद विकास खारी ने बताया की पूर्व पार्षद ने प्रस्ताव पारित कराकर ये द्वार बनवाया था उसके 6 महीने बाद उनका दिहंत हो गया जिसके बाद 1 साल इलेक्शन नहीं हुए और उसके बाद covid आने के कारण इसपर नाम नहीं लिख पाया।
बीच मे एक बार बाबा पूर्णा द्वार ग्राम मवई नाम लिखवाने की कोशी की जिसमे एक पक्ष ने पुलिस को फ़ोन कर दिया था विवाद के चलते बाबा पूर्णा द्वार ग्राम मवई नहीं लिखा जा सका
इसके बाद प्रस्ताव संख्या – 475 के तहत 27.11.2021 को बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से भगवान श्री परशुराम द्वार नाम पास हो गया जिसके तहत भगवान श्री परशुराम द्वार नाम लिखवा दिया गया | मुझे भगवान श्री परशुराम द्वार नाम लिखे जाने से कोई आपत्ति नहीं है कुछ लोगो द्वारा मुझे जान बूझकर इस मामले में घसीटा जा रहा है में चाहता हु की दोनों पक्ष आपसे में बैठर तय करे की सर्वसम्मति से क्या नाम लिखवाना है मेने कभी भी भगवान श्री परशुराम द्वार नाम का विरोध नहीं किया न करूंगा

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