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Dengue Cases: डेंगू के नए हाट स्पाट बने मकनपुर और साहिबाबाद क्षेत्र, बरतें ये सावधानी

Ghaziabad Dengue Cases

गाजियाबाद संवाददाता। गाजियाबाद जिले में अब कोरोना का संक्रमण तेजी से घट रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में पता चला है कि मकनपुर और साहिबाबाद डेंगू को लेकर नए हाट स्पाट बन गए हैं। दोनों क्षेत्रों में विगत दो महीने में 46-46 केस मिल चुके हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी आरके गुप्ता ने दोनों क्षेत्रों में पीएचसी प्रभारियों को विशेष निगरानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। एक अगस्त से लेकर अब तक जिले में डेंगू के 301 केस मिल चुके हैं। 95 स्वाइन फ्लू के और सात मलेरिया के केस भी मिले हैं।

Ghaziabad Dengue Cases

क्षेत्र डेंगू के मिले केस

  • मकनपुर 46
  • साहिबाबाद 46
  • महाराजपुर 32
  • विजयनगर 25
  • दीनदयालपुरी 21
  • कोट गांव 17
  • राजनगर 15
  • हरसाव 14
  • शास्त्रीनगर 13
  • वसुंधरा 11
  • मुरादनगर 10
  • डासना 10
  • दौलतपुरा 8
  • लोनी 7
  • कड़कड़ माडल 7
  • शालीमार गार्डन 6
  • कैलाभट्टा 5
  • हिंडन विहार 5
  • अर्थला 4
  • खोड़ा कालोनी 4
  • कनावनी 4
  • भोपुरा 2

डेंगू को लेकर अतिसंवदेनशील क्षेत्र

क्रासिंग रिपब्लिक, भीमनगर, इंदिरापुरम, न्यायखंड़ व शक्तिखंड़, वैशाली सेक्टर-2 व 4, कौशांबी,हरसांव, रिजर्व पुलिस लाइन, शास्त्रीनगर,गोविंदपुरम ब्लाक सी व डी, संजयनगर सेक्टर-23, मानसी विहार राजनगर एक्सटेंशन, पंचवटी, नेहरुनगर, कृष्णानगर, राजेंद्रनगर, शालीमार गार्डन, गरिमा गार्डन, अशोक वाटिका,करहैडा, अर्थला, मेवला भट्टी, अगरौला, मीरपुर हिंदु, नवादा, अलीपुर,खानपुर, मंडौला,मानकी, दौसा बंजारपुर,जलालाबाद ,इकला, इनायतपुर,नंगला, अटौर,मोहनपुर, मथुरापुर, कलछीना, नंगलाबेर,त्यौड़ी, नाहली,अतरौली, डिडौली, मनौली, भदौली,सुराना,प्रतापविहार, मिर्जापुर,खोड़ा,कड़कड़ माडल, प्रहलादगढ़ी, झंड़ापुर, घूकना, सिहानी,पटेलनगर, सेवानगर, कैलाभट्टा, लालकुआं।

ऐसे करें बचाव

  • साफ या गंदा किसी भी तरह के पानी को किसी बर्तन में जमा करके न रखें।
  • कूलर के पानी को भी रोजाना बदलें और हो सके तो उसमें थोड़ा सा मिटटी का तेल डाल दें।
  • पानी की टंकी को ढक्कन से ढक कर रखें।
  • खिड़कियों को जाली या शीशे से बंद कर के रखें और दरवाजे भी बंद कर के रखें ताकि मच्छर घर में न आ सकें।
  • मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या स्प्रे आदि का प्रयोग करें।
  • एक्वेरियम, फूलदान आदि में हर हफ्ते पानी बदलें।