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रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में लाखों लोगों को रैलियों के लिए बुलाना समझ से परे है – वरुण गांधी

BJP MP Varun Gandh

बता दें कि नए निर्देशों के मुताबिक यूपी में 25 दिसंबर से 200 से ज्यादा लोगों को शादियों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी.

देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमाइक्रोन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली में रात्रि कर्फ्यू का ऐलान किया गया है. वहीं, यूपी की योगी सरकार ने राज्य में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात का कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. इस बीच बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने रात में लगाए गए कर्फ्यू पर सवाल उठाया है.

‘जनता की समझ से परे’: वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में लाखों लोगों को रैलियों में बुलाना, यह आम आदमी की समझ से परे है। उत्तर प्रदेश की सीमित स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को देखते हुए, हमारे पास है ईमानदारी से यह तय करने के लिए कि हमारी प्राथमिकता खतरनाक ओमाइक्रोन के प्रसार को रोकना है या चुनावी शक्ति दिखाना है।”

बता दें कि अगले साल यूपी समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कोरोना के नए संस्करण ओमाइक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच रैलियों में जुटने वाली भीड़ को लेकर कोई दिशा-निर्देश सामने नहीं आया है. हालांकि कई राज्यों ने एहतियात बरतते हुए रात्रि कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में वरुण गांधी ने सवाल किया है कि क्या रैलियों में लाखों की भीड़ जमा कर रात में कर्फ्यू लगाना समझ से बाहर है.

इससे पहले भी उठ चुके हैं सवाल: बता दें कि वरुण गांधी यूपी की पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद हैं. कई मौकों पर देखा गया है कि वह पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करते रहते हैं. किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों के समर्थन में अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने किसानों की मांगों को केंद्र के सामने रखते हुए एमएसपी गारंटी एक्ट की बात कही थी.

गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने बैंक कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई थी. उन्होंने बरेली में कहा था कि अगर बैंकों का निजीकरण किया गया तो 8-10 लाख लोगों की नौकरी चली जाएगी.

वरुण गांधी ने कहा था, ‘अगर बैंकों का निजीकरण किया गया तो 8 से 10 लाख लोगों की नौकरी चली जाएगी. बरेली में बोलते हुए उन्होंने आगे कहा था कि 40 से 45 साल की उम्र में बैंक कर्मियों को फिर से कौन प्रशिक्षित करेगा? उन्हें दोबारा नौकरी कौन देगा? उनके बच्चों को कौन खिलाएगा? वरुण गांधी ने कहा कि अगर एमटीएनएल, बीएसएनएल, एयरपोर्ट और एयरलाइंस बिक ​​जाएंगे तो आम आदमी के बच्चों को रोजगार कौन देगा?

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