Ghaziabad इंजीनियर सस्पेंड, मुख्यमंत्री योगी ने भ्रष्टाचार को लेकर गाजियाबाद में की बड़ी कार्रवाई
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लखनऊ/गजियाबाद/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में चुनाव के बाद योगी सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। भ्रष्टाचार को लेकर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाई का दौर जारी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में तैनात एक इंजीनियर और प्लानिंग विभाग के अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। सीएमओ के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से गाजियाबाद में इंजीनियर को सस्पेंड किए जाने के कार्रवाई की जानकारी दी गई है। 2 दिन पूर्व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मैं तैनात रहे एक डीजीएम को भी भ्रष्टाचार के मामले में सस्पेंड किया गया था। सस्पेंड किए गए डीजीएम की वर्तमान में यूपीसीडा कानपुर में तैनाती है। इससे पहले योगी ने गाजियाबाद के एसएसपी और एक सीनियर आईएएस को भी सस्पेंड किया था। सीएम की इस कार्रवाई से सरकारी महकमों में हड़कंप मचा हुआ है। अब योगी आदित्यनाथ का चाबुक लापरवाह अफसरों पर चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अवर अभियंता (जेई) शिव और उत्तर प्रदेश सेल टैक्स (SGST) विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर आशुतोष को निलंबित कर दिया है। जीटए में सीएम ने यह कार्रवाई साहिबाबाद में अवैध रूप से बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला इमारत निर्मित किए जाने के मामले में की है।

 

इंजीनियर के सस्पेंड से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में भी खलबली मच गई है। जीडीए के अवर अभियंता पर हुई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने थोड़ी देर पहले ट्वीटर पर ट्वीट किया। जिसमें बताया गया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला इमारतों का अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें जीडीए के अवर अभियंता को निलंबित किया गया है। बता दें कि जीडीए में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आ रही थी। जीडीए में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सीएम योगी सख्त रूख्त अपना रहे है।

एसएसपी भी हो चुके थे सस्पेंड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार शपथ लेने के बाद तत्काल कार्र्रवाई करनी शुरू कर दिया था। प्रशासनिक अमले पर यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पूर्व गाजियाबादा के एसएसपी पवन कुमार को भी मुख्यमंत्री सस्पेंड किया था। एसएसपी पर कानून-व्यवस्था को नहीं संभाल पाने और कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने दो कलेक्टर भी सस्पेंड किए।

यूपीसीडा की अधिकारी निमिषा शर्मा निलंबित
मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई से यह तो स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बिल्कुल भी बर्दास्त नही किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में तैनात अधिकारी ने अस्तित्वहीन प्लाट का आवंटन कर दिया। जब जांच में खुलासा हुआ तो शासन ने सोमवार को उक्त अधिकारी को निलंबित कर दिया। यह अधिकारी निमिषा शर्मा उस वक्त ग्रेटर नोएडा में वरिष्ठ प्रबंधक नियोजन पद तैनात थीं और वर्तमान में उनकी तैनाती यूपीसीडा में उपमहाप्रबंधक नियोजन में थी। औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने इस संबंध में सोमवार को उनको निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश पत्र में कहा गया है कि विशाल इंजीनियरिंग वक्र्स को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर इकोटेक में भूखंड संख्या 340 आवंटित किया गया। शासन ने उनके इस कृत्य को घोर लापरवाही मानते हुए प्रथम दृष्टया दोषी माना और निलंबित कर दिया।

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