गाजियाबाद सिहानीगेट पुलिस : एसिड अटैक के झूठे मुकदमे का किया खुलासा
गाजियाबाद सिहानीगेट पुलिस एसिड अटैक के झूठे मुकदमे का किया खुलासा
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16 मार्च को पीड़िता के पुत्र ने सिहानीगेट पुलिस थाने में सूचना दी कि मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एक एसिड हमले का आरोप लगाया गया था। वे लौटते समय न्यू पंचवटी से गुजर रहे थे और मेरठ रोड की ओर जा रहे थे। एसिड हमले के बाद पीड़िता को नन्दग्राम कट पर ले जाकर प्राथमिक उपचार के लिए ओम हेल्थ केयर में भर्ती किया गया। बर्न यूनिट की कमी के कारण पीड़िता को सिहानीगेट पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में भर्ती करवाया। इसके बाद पीड़िता के पुत्र द्वारा एक मुकदमा किया गया।

थाना सिहानीगेट पुलिस द्वारा तत्काल तीन टीमें गठित कर प्रथम सूचना रिपोर्ट में  दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार, और  विजय, गौरव व सुधीर के बारे में गहनता से जानकारी करते हुए, सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरा खंगालकर जानकारी इकठा की  ।  पीड़िता द्वारा अपने बयान में पुलिस व मीडिया को बताया गया था कि वह ई-रिक्शा से नए बस अड्डे से नन्दग्राम कट तक गयी थी । जबकि पूरे रास्ते का सीसीटीवी फुटैज देखा गया जिसमें पीड़िता पैदल ही जाती दिखी । जिससे पीड़िता के बयान संदिग्ध प्रतीत होने लगे और घटना पर और गहराई से कार्य करने की आवश्यकता समझी  गयी ।

गाजियाबाद सिहानीगेट पुलिस एसिड अटैक के झूठे मुकदमे का किया खुलासा

अभिषेक शर्मा जोकि तहसील गाजियाबाद में काम करता है पीड़िता सुमन का परिचित है जिसको पूछताछ हेतु थाने पर लाया गया । अभिषेक शर्मा पीड़िता का विश्वास पात्र है जिस कारण पीड़िता उसपर पूर्ण रूप से विश्वास करती है। पुलिस के सामने अभिषेक से पीड़िता की फोन पर वार्ता करायी गयी जिस पर पीड़िता द्वारा खुद से रचित एसिड अटैक की घटना की पूरी सच्चायी अभिषेक को बता दी । पीड़िता द्वारा बताया गया कि पीड़िता के पति का वर्ष 2022 में  सुधीर कौशिक की स्वदेशी मिल कम्पाउंड में काम करने के दौरान आग लगने से दुर्घटना में जल जाने के कारण दौराने सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में मृत्यु हो गयी थी जीके बाद फैक्ट्री मालिक सुधीर कौशिक व उसका साथी गौरव चौहान और विजय श्रीवास्तव के विरूद्ध थाना कविनगर पर मुकदमा  784/22 धारा 323, 504, 304ए दर्ज कराया गया था । अपने पति की स्वदेशी मिल कम्पाउंड में काम करने के दौरान हुई दुर्घटना के कारण एक मुकदमा लेबर कोर्ट में भी डाला  गया है  जिसके बाद पीड़िता को  मुकदमों से कोई आर्थिक लाभ नहीं मिला जिससे वो  निराश हो गयी । पीड़िता ने बताया की कोई रास्ता समझ में नहीं आया , तो मैने गौरव, विजय और सुधीर को फंसाने के लिए दुकान से टायलेट क्लीनर की बोतल लेकर पटेलनगर सर्विस रोड पर मन्दिर के पास अपने ऊपर डाल ली और खाली बोतल को नाले में फेंक दी और तुरन्त अपने लड़के को फोन कर दिया और मीडिया को फोन करते हुए जब मुझे ट्रैफिक पुलिस कर्मी दिखायी दिया तो उसके पास जाकर बैठ गयी ।

दुकानदार प्रदीप किराना स्टोर द्वारा पूछताछ पर बताया गया कि को एक महिला के द्वारा मेरी दुकान से टायलेट क्लीनर की बोतल 30 रूपये में खरीदी गयी थी । फोटो दिखाने पर पहचान कराया तो बताया कि यह वही महिला जो मेरी दुकान पर आयी थी और टायलेट क्लीनर की बोतल खरीदी थी । पास ही की दूसरी दुकान के लगे सीसीटीवी कैमरे में  वो महिला (पीड़िता )प्रदीप किराना स्टोर से आती हुई देखी गयी ।

अज्ञात मोटरसाइकिल पर बैठे व्यक्ति पीड़िता द्वारा घटनास्थल पर घटना कारित करते हुए बताए गए । जिनका हुलिया पीड़िता द्वारा अपने बयानो में बताया वह व्यक्ति घटनास्थल से पीड़िता से लगभग 04 मिनट पहले निकले थे जो कि 400 मीटर आगे जाकर लोहे की शीट खरीदने हेतु दुकान पर रूक गए । गौरव, विजय सुधीर लगाए गए आरोप असत्य पाए गए । पीड़िता द्वारा अनुचित लाभ पाने के लिए खुद ही झूठी  घटना को अंजाम दिए गया


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