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Muzaffarnagar News-कवाल कांड में BJP विधायक दोषी करार, सजा के तुरंत बाद मिली जमानत

मुजफ्फरनगर-कवाल कांड में BJP विधायक विक्रम सैनी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है. हालांकि, सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ही उन्हें जमानत भी मिल गई क्योंकि तीन साल से कम की सजा अवधि में जमानत मिलने का प्रावधान है.

मुजफ्फरनगर-कवाल कांड मामले में कोर्ट ने बीजेपी विधायक विक्रम सैनी को दोषी करार दिया है. विधायक सहित 12 आरोपियों को इस मामले में दो-दो साल की सजा सुनाई गई है.

एमपी-एमएलए कोर्ट ने बीजेपी विधायक को सजा सुनाई. हालांकि, उन्हें तुरंत ही जमानत भी मिल गई. बता दें कि तीन साल से कम की सजा होने पर कोर्ट से जमानत मिलने का प्रावधान है. इसके तहत बीजेपी विधायक विक्रम सैनी को राहत मिली है.

क्या है पूरा मामला

बता दें कि साल 2013 में मुजफ्फरनगर में दंगा भड़क गया था जिसे कवाल कांड के नाम से भी जाना जाता है. इस दंगे में 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे. 27 अगस्त, 2013 को गौरव और सचिन नाम के शख्स की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद दंगा भड़क उठा था.

मृतक गौरव के पिता रविंद्र कुमार ने 7 लोगों को दोषी ठहराए जाने के बाद कहा था कि हमें कोर्ट पर भरोसा था और यह भी पता था कि इसमें कई साल लग जाएंगे. अब देखते हैं कि आगे क्या होता है. केवल हम जानते हैं कि हमने उसे हमेशा के लिए खो दिया. वहीं, गौरव की मां ने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2013 के दंगे के बाद 6,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए और दंगे में कथित भूमिका के लिए 1,480 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. मामले की छानबीन करने वाली विशेष जांच टीम ने 175 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया था.

मृतक गौरव के पिता रविंद्र कुमार ने 7 लोगों को दोषी ठहराए जाने के बाद कहा था कि हमें कोर्ट पर भरोसा था और यह भी पता था कि इसमें कई साल लग जाएंगे. अब देखते हैं कि आगे क्या होता है. केवल हम जानते हैं कि हमने उसे हमेशा के लिए खो दिया. वहीं, गौरव की मां ने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2013 के दंगे के बाद 6,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए और दंगे में कथित भूमिका के लिए 1,480 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. मामले की छानबीन करने वाली विशेष जांच टीम ने 175 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया था.