UP की बड़ी खबरें:ज्ञानवापी मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का मस्जिद कमेटी को नोटिस

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वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने के सर्वेक्षण की मांग के मामले पर मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट नंबर 69 में जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच में मामले की 1.15 घंटे सुनवाई चली। हिंदू पक्ष की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि इस स्थान के धार्मिक चरित्र का पता लगाने के लिए सर्वे जरूरी है। कोर्ट ने वजूखाने के एएसआई सर्वे को लेकर मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी कर दिया। कहा गया है कि मस्जिद कमेटी इस मामले पर अपना जवाब दाखिल करे। अब मामले की सुनवाई 20 अगस्त को होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वजूखाने का सर्वेक्षण आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया(एएसआई ​​​​​​) से कराए जाने को लेकर याचिका दाखिल है। इससे पहले 3 जुलाई को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई थी लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुस्लिम पक्ष के पेश न होने की वजह से सुनवाई टल गई थी। मंगलवार को कोर्ट नंबर 69 में जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल इस मामले की सुनवाई करेंगे।

श्रृंगार गौरी केस की मुख्य याचिकाकर्ता राखी सिंह ने दायर की है याचिका
एएसआई सर्वेक्षण की मांग को लेकर श्रृंगार गौरी केस की मुख्य याचिकाकर्ता राखी सिंह की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञानवापी के पूरे परिसर का सर्वे किया गया है। उसी तरह से सील किए गए वजूखाने का भी सर्वे किया जाना चाहिए।

इससे पहले 22 जून को भी हुई थी सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट में इससे पहले 22 मई को मामले की सुनवाई हुई थी। मामले में ज्ञानवापी मस्जिद की इंतजामियां कमेटी ने अपना जवाब दाखिल करना था। तब सुनवाई के बाद जस्टिस अजित कुमार की बेंच ने मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष दूसरी बेंच के गठन के लिए भेजा था।

दो साल पहले वजूखाना हुआ सील था
2 साल पहले शिवलिंग मिलने के बाद वजू खाने को सील कर दिया गया था। मुस्लिम पक्ष की ओर से इसे फव्वारा बताया जाता है लेकिन हिन्दू पक्ष उसके शिवलिंग होने का दावा करता है। इससे पहले ज्ञानवापी परिसर का एएसआई सर्वे किया गया था। जबकि वजूखाने का सर्वे नहीं हुआ था। कोर्ट के आदेश पर ये हिस्सा सील बंद हैं।


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